April 4, 2025

स्वास्थ्य क्षेत्र में मोदी सरकार का सबसे बड़ा कदम – ₹64,180 Cr की योजना लागू

भारत की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और भविष्य की आपात स्थितियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2021 को प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना (PMASBY) की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य देश में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना और ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराना है।

कोविड-19 महामारी के बाद यह स्पष्ट हो गया कि भारत को अपनी स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस योजना को लॉन्च किया, जिसमें महामारी और अन्य स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार किया गया है।

PMASBY का अवलोकन

प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना को केंद्र सरकार द्वारा ₹64,180 करोड़ के बजट के साथ लागू किया गया है। इस योजना को वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक चलाया जाएगा, और इसका उद्देश्य स्वास्थ्य अवसंरचना को राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर मजबूत करना है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के साथ मिलकर, इस योजना के तहत रोग निगरानी, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही, सरकारी अस्पतालों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार भी किया जाएगा।

PIB के अनुसार, “प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने ₹64,180 करोड़ का बजट निर्धारित किया है।”

PM Aatmanirbhar Swasth Bharat Yojana योजना के मुख्य घटक

प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना के तहत देशभर में विभिन्न स्तरों पर स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इसमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।

  • ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएँ

    • 10 उच्च प्राथमिकता वाले राज्यों में 17,788 ग्रामीण स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों को सहायता प्रदान की जाएगी।

    • इन केंद्रों में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुविधाओं को भी बेहतर किया जाएगा।

  • शहरी स्वास्थ्य सेवाएँ

    • सभी राज्यों में 11,024 शहरी स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों की स्थापना की जाएगी।

    • इन केंद्रों में डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

  • सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएँ

    • सभी जिलों में एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएँ स्थापित की जाएंगी।

    • 11 उच्च प्राथमिकता वाले राज्यों में 3,382 ब्लॉक स्तर की सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयाँ बनाई जाएंगी।

  • क्रिटिकल केयर अस्पताल ब्लॉक

    • देश के 602 जिलों और 12 केंद्रीय संस्थानों में क्रिटिकल केयर अस्पताल ब्लॉक बनाए जाएंगे।

    • इन अस्पतालों में गंभीर बीमारियों के लिए उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

  • रोग नियंत्रण और निगरानी प्रणाली

    • राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) और इसकी 5 क्षेत्रीय शाखाओं को सशक्त बनाया जाएगा।

    • 20 महानगरों में स्वास्थ्य निगरानी इकाइयाँ स्थापित की जाएंगी ताकि बीमारियों की निगरानी और रोकथाम बेहतर की जा सके।

  • स्वास्थ्य अनुसंधान और आपदा प्रबंधन

    • स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए 15 स्वास्थ्य आपातकालीन संचालन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

    • सरकार 2 मोबाइल अस्पतालों की भी व्यवस्था करेगी, जो जरूरत के समय किसी भी स्थान पर तैनात किए जा सकेंगे।

यह योजना देश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने और भविष्य की महामारियों के लिए तैयार करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके प्रभाव से नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हो सकेंगी।

PM Aatmanirbhar Swasth Bharat Yojana योजना के लक्ष्य और उद्देश्य

PM Aatmanirbhar Swasth Bharat Yojana
PM Aatmanirbhar Swasth Bharat Yojana

प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना का मुख्य उद्देश्य देश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देना और भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए एक सशक्त ढांचा तैयार करना है। इस योजना के तहत सरकार ने कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों को निर्धारित किया है, जो स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने में मदद करेंगे।

मुख्य लक्ष्य:

  • स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना।

  • आपातकालीन स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त करना: महामारी और अन्य स्वास्थ्य संकटों से निपटने के लिए उन्नत सुविधाएँ तैयार करना।

  • रोग निगरानी प्रणाली का विकास: बीमारियों की समय पर पहचान और रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करना।

  • स्वास्थ्य अनुसंधान को बढ़ावा देना: नए उपचार और दवाओं पर शोध को प्रोत्साहित करना।

  • आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता: सरकारी अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों में अत्याधुनिक उपकरणों की व्यवस्था करना।

स्वास्थ्य अनुसंधान को बढ़ावा देने के साथ-साथ, सरकार कृषि क्षेत्र में भी नवाचार को प्रोत्साहित कर रही है, जैसा कि परंपरागत कृषि विकास योजना में देखा गया है।

योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सरकार द्वारा अपनाए गए कुछ प्रमुख उपाय:

  • स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों की स्थापना और मौजूदा केंद्रों को उन्नत करना।

  • जिला और ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को डिजिटल तकनीकों से जोड़ना।

  • स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण और नए कर्मचारियों की भर्ती।

  • सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं को उच्च गुणवत्ता वाले उपकरणों से लैस करना।

यह योजना न केवल वर्तमान स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में मदद करेगी बल्कि दीर्घकालिक रूप से देश की स्वास्थ्य प्रणाली को आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायक होगी।

PM Aatmanirbhar Swasth Bharat Yojana योजना की विशेषताएँ

प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना को प्रभावी और समावेशी बनाने के लिए इसमें कई महत्वपूर्ण विशेषताएँ जोड़ी गई हैं। ये विशेषताएँ योजना को संपूर्ण देश में सफलतापूर्वक लागू करने में मदद करेंगी।

1. डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली का विस्तार

  • सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एकीकृत स्वास्थ्य सूचना पोर्टल तैयार किया जाएगा।

  • यह पोर्टल स्वास्थ्य डेटा को डिजिटल रूप में संग्रहित करेगा और डॉक्टरों व मरीजों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा।

स्वास्थ्य प्रणाली में डिजिटल परिवर्तन से महिलाओं को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि नारी सशक्तिकरण योजना 2025 के तहत डिजिटल शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

2. स्वास्थ्य सुविधाओं का विकेंद्रीकरण

  • देश के विभिन्न हिस्सों में 17,788 ग्रामीण और 11,024 शहरी स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

  • इन केंद्रों में स्थानीय स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुसार सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी।

3. सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी प्रणाली

  • 32 हवाई अड्डों, 11 समुद्री बंदरगाहों और 7 भूमि क्रॉसिंग्स पर 17 नई सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयाँ स्थापित की जाएंगी।

  • इन इकाइयों का उद्देश्य बीमारियों की शीघ्र पहचान और उनके प्रसार को रोकना है।

4. स्वास्थ्य आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली

  • किसी भी बड़े स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए 15 स्वास्थ्य आपातकालीन संचालन केंद्र बनाए जाएंगे।

  • 2 मोबाइल अस्पतालों की स्थापना की जाएगी, जो जरूरत के समय किसी भी स्थान पर तैनात किए जा सकेंगे।

5. अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा

  • वन हेल्थ के लिए एक राष्ट्रीय संस्थान स्थापित किया जाएगा, जो मानव, पशु और पर्यावरण स्वास्थ्य पर शोध करेगा।

  • WHO दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के लिए एक क्षेत्रीय अनुसंधान प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा।

  • 9 बायो-सेफ्टी लेवल III प्रयोगशालाएँ और 4 क्षेत्रीय राष्ट्रीय वायरोलॉजी संस्थान स्थापित किए जाएंगे, ताकि संक्रामक रोगों के अनुसंधान में तेजी लाई जा सके।

प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना की ये विशेषताएँ भारत को स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने की दिशा में उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है। कोविड-19 महामारी के बाद देश को एक मजबूत स्वास्थ्य ढाँचे की जरूरत थी, और यह योजना उसी आवश्यकता को पूरा करने के लिए बनाई गई है।

इस योजना से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा, रोग निगरानी प्रणाली को आधुनिक बनाया जाएगा और स्वास्थ्य अनुसंधान को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके साथ ही, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं की स्थापना से देश की चिकित्सा प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

सरकार द्वारा इस योजना को सफलतापूर्वक लागू करने से लाखों नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध होंगी। यह पहल भारत को एक आत्मनिर्भर और स्वस्थ राष्ट्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

आपको यह योजना कैसी लगी? क्या आपको लगता है कि इससे भारत की स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा? अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बताइए!

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी विभिन्न आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है। हमारा उद्देश्य सही और सटीक जानकारी प्रदान करना है, लेकिन योजना में किसी भी प्रकार के बदलाव की स्थिति में, पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे संबंधित विभाग या official Website पर जाकर नवीनतम अपडेट प्राप्त करें। किसी भी निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि अवश्य करें।

Akhil Talwar

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