April 3, 2025

PM-JAY के तहत सरकारी स्वास्थ्य व्यय में वृद्धि, जेब खर्च में कमी – पूरी जानकारी

भारत में स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच एक बड़ी चुनौती रही है। खासकर गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए महंगे इलाज कराना मुश्किल होता है। इस समस्या को हल करने के लिए सरकार ने 23 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) शुरू की।

यह योजना आयुष्मान भारत कार्यक्रम का हिस्सा है और इसे दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य योजना माना जाता है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मुफ्त और कैशलेस इलाज उपलब्ध कराना है। इसके तहत हर योग्य परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का बीमा कवरेज मिलता है।

योजना की खासियत यह है कि यह सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में लागू होती है, जिससे लाभार्थियों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिलती हैं। इस लेख में योजना की विस्तृत जानकारी, पात्रता और मिलने वाले लाभों को समझाया गया है।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) का अवलोकन

यह योजना देश के गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए बनाई गई है। इसका मुख्य उद्देश्य गंभीर बीमारियों के इलाज पर आने वाले खर्च को कम करना है।

योजना के अंतर्गत हर परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक की हेल्थ इंश्योरेंस सुविधा दी जाती है। इसमें अस्पताल में भर्ती से लेकर दवा, जांच और अन्य आवश्यक सेवाएं शामिल होती हैं। लाभार्थियों को इलाज के लिए किसी भी सरकारी या सूचीबद्ध निजी अस्पताल में जाना होता है और वहां बिना किसी खर्च के इलाज किया जाता है।

इस योजना की एक खास बात यह है कि इसमें पहले से मौजूद बीमारियों (pre-existing diseases) को भी कवर किया जाता है। यानी, अगर किसी व्यक्ति को पहले से कोई गंभीर बीमारी है, तो उसे भी इस योजना के तहत मुफ्त इलाज मिलेगा।

सरकार ने इसे पूरी तरह डिजिटल बनाया है। आयुष्मान भारत हेल्पलाइन नंबर और सरकारी पोर्टल के जरिए लाभार्थी अपनी पात्रता की जांच कर सकते हैं और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

पात्रता मानदंड और लाभार्थियों की संख्या

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत उन परिवारों को शामिल किया गया है जो सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC-2011) के आधार पर चिन्हित किए गए हैं। इसमें मुख्य रूप से गरीब, बेघर, दिहाड़ी मजदूर, आदिवासी समुदाय और अन्य कमजोर वर्गों के लोग शामिल हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पात्रता

  • कच्चे मकान में रहने वाले परिवार

  • भूमिहीन मजदूर

  • दिव्यांग व्यक्ति के परिवार

  • आदिवासी समुदाय के लोग

शहरी क्षेत्रों के लिए पात्रता

  • घरेलू कामगार

  • रिक्शा चालक

  • सड़क किनारे ठेला लगाने वाले

  • निर्माण कार्य में लगे मजदूर

अब तक इस योजना के तहत करोड़ों परिवारों को लाभ मिल चुका है। सरकार हर साल इस योजना में और अधिक लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखती है, ताकि देश के हर जरूरतमंद व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

सरकार गरीब और कमजोर वर्गों के लिए न केवल स्वास्थ्य बल्कि आवास सुविधाओं में भी सुधार कर रही है। इसी दिशा में, अंबेडकर आवास नविनीकरण योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को घरों के नवीनीकरण के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।

योजना के तहत मिलने वाले लाभ और सेवाएँ

Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana
Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का मुख्य उद्देश्य देश के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को कई तरह की चिकित्सा सुविधाएँ दी जाती हैं, जिससे उन्हें इलाज के लिए आर्थिक चिंता न हो।

मुख्य लाभ

  • प्रत्येक पात्र परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलता है।

  • कैशलेस और पेपरलेस इलाज की सुविधा, जिससे मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने के बाद किसी तरह का भुगतान नहीं करना पड़ता।

  • सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा।

  • अस्पताल में भर्ती होने से तीन दिन पहले और 15 दिन बाद तक का इलाज, दवाइयाँ और जांच शामिल।

  • सर्जरी, डे-केयर ट्रीटमेंट, डायग्नोस्टिक सेवाएँ और पोस्ट-हॉस्पिटल केयर कवर किया जाता है।

  • पहले से मौजूद बीमारियाँ (pre-existing diseases) भी योजना में शामिल हैं।

कवर की जाने वाली बीमारियाँ और सर्जरी

  • हृदय रोग (बायपास सर्जरी, एंजियोप्लास्टी)

  • कैंसर का इलाज

  • किडनी ट्रांसप्लांट और डायलिसिस

  • न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर

  • नवजात शिशु और मातृत्व सेवाएँ

योजना के तहत देशभर के हजारों सरकारी और निजी अस्पताल सूचीबद्ध हैं, जो लाभार्थियों को बिना किसी वित्तीय बाधा के इलाज की सुविधा देते हैं। इसके अलावा, लाभार्थी कहीं भी योजना के अंतर्गत पैनल में शामिल किसी भी अस्पताल में इलाज करा सकते हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ सरकार शिक्षा को भी प्राथमिकता दे रही है। गरीब और वंचित बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय बाल शिक्षा योजना चलाई जा रही है, जो उन्हें मुफ्त शिक्षा और अन्य सुविधाएँ प्रदान करती है।

योजना का नवीनतम विस्तार: वरिष्ठ नागरिकों के लिए कवरेज

सरकार ने हाल ही में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का विस्तार करते हुए 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को इसमें शामिल करने की घोषणा की है। इस फैसले से देशभर में लाखों बुजुर्गों को मुफ्त और कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।

नए विस्तार की मुख्य बातें

  • सभी 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक अब इस योजना के तहत कवर होंगे।

  • आयुष्मान हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे, जिससे बुजुर्गों को इलाज में आसानी होगी।

  • 5 लाख रुपये तक का वार्षिक हेल्थ कवर, जो गंभीर बीमारियों के इलाज में मदद करेगा।

  • विशेष टॉप-अप सुविधा, जिससे बुजुर्गों के लिए अतिरिक्त चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध होंगी।

  • घरेलू चिकित्सा सेवाओं और टेलीमेडिसिन का विस्तार, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे चिकित्सा परामर्श मिल सके।

PIB के अनुसार, बुजुर्गों के लिए यह योजना बड़ी राहत साबित होगी, क्योंकि इस वर्ग के लोगों को अधिक स्वास्थ्य देखभाल की जरूरत होती है।

इसके साथ ही सरकार ने आयुष्मान मित्र नाम की सुविधा शुरू की है, जिससे बुजुर्गों को योजना से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए सहायता मिल सके। इसके तहत सरकारी और निजी अस्पतालों में एक सहायता केंद्र होगा, जहाँ बुजुर्गों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

योजना की उपलब्धियाँ और आँकड़े

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) ने अपनी शुरुआत से अब तक देशभर में करोड़ों लोगों को लाभ पहुँचाया है। इस योजना का उद्देश्य गरीब और वंचित परिवारों को मुफ्त और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना है।

अब तक की प्रमुख उपलब्धियाँ

  • योजना के तहत 4 करोड़ से अधिक अस्पताल में भर्ती होने के मामले दर्ज किए गए हैं।

  • 5 लाख से अधिक पंजीकृत सरकारी और निजी अस्पताल योजना के तहत सेवाएँ दे रहे हैं।

  • सरकार ने 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि अब तक योजना पर खर्च की है।

  • 40 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिससे लाभार्थियों को इलाज में आसानी हो रही है।

  • योजना लागू होने के बाद से कई गरीब परिवारों ने महंगे ऑपरेशन और इलाज मुफ्त में कराए हैं, जिससे उन्हें आर्थिक संकट से राहत मिली है।

सरकार इस योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नए सुधार कर रही है। राज्यों में अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर और सहायता केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि लाभार्थियों को सही जानकारी मिल सके और वे आसानी से योजना का लाभ उठा सकें।

योजना से जुड़े नए सुधार और सरकार की भविष्य की रणनीति

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार नए सुधार कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि हर पात्र व्यक्ति को बिना किसी रुकावट के योजना का लाभ मिले और देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाए।

नए सुधार

  • आयुष्मान कार्ड वितरण प्रक्रिया को तेज किया गया है, जिससे लाभार्थी आसानी से अपना कार्ड प्राप्त कर सकते हैं।

  • टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण और दूर-दराज़ के क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी डॉक्टरों से ऑनलाइन परामर्श ले सकें।

  • योजना में सूचीबद्ध अस्पतालों की संख्या बढ़ाई जा रही है, जिससे लाभार्थियों को इलाज के लिए ज्यादा विकल्प मिल सकें।

  • सरकार आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड जारी कर रही है, जिससे मरीजों का मेडिकल डेटा सुरक्षित रहेगा और इलाज में आसानी होगी।

  • राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाया जा रहा है, ताकि योजना का कार्यान्वयन और प्रभावी तरीके से किया जा सके।

भविष्य की रणनीति

सरकार आने वाले समय में इस योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई और कदम उठाने की योजना बना रही है। इसमें खासतौर पर नए अस्पतालों को जोड़ा जाना, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और आयुष्मान भारत योजना के तहत और अधिक बीमारियों को कवर करना शामिल है।

सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र नागरिक को इस योजना का लाभ मिले और देश में कोई भी व्यक्ति पैसों की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ने भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस योजना के तहत करोड़ों गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त और कैशलेस इलाज की सुविधा मिली है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह रहा कि महंगे इलाज की वजह से जो लोग पहले अस्पताल जाने से डरते थे, वे अब बिना किसी आर्थिक चिंता के अपनी बीमारियों का इलाज करवा सकते हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के कारण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है।

भविष्य में, सरकार इस योजना का विस्तार कर और अधिक लोगों को इसका लाभ देने की योजना बना रही है। नए तकनीकी सुधारों, डिजिटल हेल्थ कार्ड और बेहतर अस्पताल नेटवर्क के साथ यह योजना और अधिक प्रभावी हो सकती है।

अगर आप इस योजना से जुड़ी किसी जानकारी या सहायता की जरूरत महसूस करते हैं, तो Official Website या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी विभिन्न आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है। हमारा उद्देश्य सही और सटीक जानकारी प्रदान करना है, लेकिन योजना में किसी भी प्रकार के बदलाव की स्थिति में, पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे संबंधित विभाग या Official Website पर जाकर नवीनतम अपडेट प्राप्त करें। किसी भी निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि अवश्य करें।

Naina Balan

Naina Balan is a dedicated writer at Sevakendra, bringing 2 years of experience in covering government jobs, education updates, and official announcements. Her content focuses on analyzing new government schemes, breaking down their benefits and drawbacks, and explaining their real-world impact on the public. Alongside policy reporting, Naina also writes about viral news and trending updates that capture social curiosity — from inspirational stories to socially significant moments that go viral. Her strength lies in her meticulous approach to fact-checking, ensuring every detail in her articles is accurate and credible. Writing in Hindi and Hinglish, Naina connects with a diverse audience, making complex or viral topics easy to understand. Her passion for uncovering the truth and her commitment to quality research ensure that Sevakendra remains a trusted source for accurate, impactful news.

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