April 1, 2025

e-PAN Card Scam Alert: कभी भी इन ईमेल्स पर क्लिक न करें, जानें क्यों!

भारत में PAN कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसका उपयोग आयकर रिटर्न दाखिल करने, बैंकिंग लेन-देन और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किया जाता है। हाल ही में, साइबर अपराधियों ने PAN कार्ड धारकों को निशाना बनाते हुए एक नया घोटाला शुरू किया है, जिसमें नकली ईमेल भेजकर लोगों को अपने डेटा साझा करने के लिए गुमराह किया जा रहा है।

सरकार की ओर से लगातार यह सलाह दी जा रही है कि लोग किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और सतर्क रहें। PIB Fact Check के अनुसार, कई लोगों को ऐसे ईमेल मिल रहे हैं जिनमें उन्हें “आपका ई-पैन तैयार है, इसे तुरंत डाउनलोड करें”, जैसे संदेश दिए जा रहे हैं। हालांकि, ये ईमेल पूरी तरह फर्जी हैं और इनका उद्देश्य आपकी व्यक्तिगत जानकारी चोरी करना है।

इस लेख में हम इस घोटाले की गहराई से जानकारी देंगे, इसके पीछे के अपराधियों की रणनीति को समझेंगे और यह भी जानेंगे कि आप कैसे इस घोटाले से बच सकते हैं

PAN कार्ड स्कैम क्या है?

कैसे काम करता है यह घोटाला?

  1. फर्जी ईमेल भेजना: साइबर अपराधी “Income Tax Department” या “NSDL” जैसी सरकारी संस्थाओं के नाम से मेल भेजते हैं।
  2. ईमेल में नकली लिंक: मेल में “ई-पैन डाउनलोड करें” या “आपका PAN कार्ड अपडेट करें” जैसे लिंक दिए जाते हैं।
  3. फिशिंग वेबसाइट: जब कोई व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता है, तो उसे सरकारी वेबसाइट जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट पर ले जाया जाता है।
  4. डेटा चोरी: वहां यूजर से PAN नंबर, आधार नंबर, बैंक डिटेल्स और OTP जैसी संवेदनशील जानकारी मांगी जाती है।
  5. धोखाधड़ी: एक बार जानकारी मिलते ही, अपराधी बैंक खातों से पैसे निकाल सकते हैं या पहचान की चोरी कर सकते हैं।

विशेषज्ञों की चेतावनी:

  • “PAN कार्ड से जुड़ी जानकारी साझा करने से पहले 100% पुष्टि करें। आयकर विभाग कभी भी इस तरह की व्यक्तिगत जानकारी ईमेल या कॉल के जरिए नहीं मांगता।”

यह घोटाला क्यों सफल हो जाता है?

  • ईमेल बिल्कुल असली लगते हैं, जिससे लोग धोखा खा जाते हैं।
  • सरकार और बैंकों की आधिकारिक भाषा की नकल की जाती है।

ऐसा ही एक उदाहरण प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना स्कैम का है, जहां किसानों को सरकारी सब्सिडी का लालच देकर धोखा दिया गया था।

  • डराने वाले मैसेज जैसे “यदि आप अभी अपडेट नहीं करते, तो आपका PAN कार्ड ब्लॉक हो जाएगा”, जिससे लोग घबरा कर क्लिक कर देते हैं।

Scam के पीछे कौन?

PAN कार्ड स्कैम के पीछे संगठित साइबर अपराधी हैं, जो डेटा चोरी कर लोगों के बैंक खातों और व्यक्तिगत जानकारी को नुकसान पहुंचाते हैं। यह घोटाला भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय है।

1. कैसे काम करते हैं ये अपराधी?

फिशिंग Email और SMS:

  • अपराधी Income Tax Department, NSDL, या UTIITSL जैसी संस्थाओं के नाम से नकली ईमेल और SMS भेजते हैं।
  • संदेश में “आपका ई-पैन तैयार है”, “अभी डाउनलोड करें”, “PAN अपडेट न करने पर इसे ब्लॉक कर दिया जाएगा” जैसे डराने वाले मैसेज होते हैं।

फर्जी Website और Link:

  • जब कोई व्यक्ति ईमेल में दिए गए लिंक पर क्लिक करता है, तो वह एक नकली वेबसाइट पर पहुंच जाता है, जो असली सरकारी साइट की हूबहू कॉपी होती है।
  • वहां उनसे PAN, आधार नंबर, बैंक डिटेल्स और OTP मांगी जाती है।

इसी तरह, प्रधानमंत्री फ्री रिचार्ज योजना स्कैम के तहत लोगों को नकली लिंक के माध्यम से ठगा गया था, जिसमें उन्हें फ्री मोबाइल रिचार्ज देने का वादा किया गया था, लेकिन वास्तव में यह उनके व्यक्तिगत डेटा की चोरी करने की कोशिश थी।”

डेटा चोरी और बैंक फ्रॉड:

  • अपराधी चोरी किए गए डेटा का उपयोग बैंक खाते से पैसे निकालने, फर्जी लोन लेने, या पहचान की चोरी के लिए करते हैं।
  • कई मामलों में ब्लैक मार्केट में PAN और आधार डेटा को ऊंचे दामों पर बेचा जाता है।

कैसे पहचाने कि कोई Email फर्जी है?

आज के डिजिटल युग में साइबर क्राइम से बचने के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। यदि आपको किसी अज्ञात ईमेल या SMS के जरिए PAN अपडेट या ई-पैन डाउनलोड करने का मैसेज मिलता है, तो इन बिंदुओं पर ध्यान दें:

1. Fake Email भेजने वाले

  • ईमेल का पता ध्यान से देखें:
    • सही: @incometax.gov.in, @nsdl.co.in, @utiitsl.com
    • गलत: @pan-update.com, @tax-refund.in, @gov.income.net
  • सरकारी संस्थाएं कभी भी Gmail, Yahoo, या Outlook से मेल नहीं भेजतीं।

2. फर्जी Website और Link

  • pancard-update.xyz
  • e-pan-download.online
  • gov-pan-check.net

3. Email में स्पेलिंग और भाषा की गलतियां

  • असली सरकारी मेल व्यावसायिक भाषा में होते हैं, जबकि फर्जी मेल में ग्रामर और स्पेलिंग की गलतियां पाई जाती हैं।
  • उदाहरण: “आपका पेन कार्ड तत्काल डाऊनलोड करिये”

4. डराने वाले मैसेज

  • आपका PAN कार्ड ब्लॉक हो सकता है, तुरंत अपडेट करें!”
  • आपका अकाउंट 24 घंटे में बंद हो जाएगा!”

सरकार इस तरह की भाषा का उपयोग नहीं करती।

5. संदिग्ध अटैचमेंट या लिंक

  • PDF, ZIP, या EXE फाइल खोलने से पहले सतर्क रहें।
  • इनमें वायरस हो सकते हैं, जो आपके फोन या कंप्यूटर को हैक कर सकते हैं।

इस Fake Email घोटाले से कैसे बचें?

आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव करना बेहद जरूरी हो गया है। यदि आप PAN कार्ड स्कैम से बचना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए आसान और प्रभावी उपाय अपनाएं:

1. कभी भी संदिग्ध Link पर क्लिक न करें

  • यदि आपको “ई-पैन डाउनलोड करें”, “PAN अपडेट करें”, या “अकाउंट ब्लॉक होने वाला है”, जैसे ईमेल या SMS मिलते हैं, तो सतर्क रहें।
  • किसी भी अज्ञात लिंक को खोलने से पहले सरकारी वेबसाइट पर जाकर खुद चेक करें

2. सरकारी वेबसाइट से ही PAN से जुड़ी जानकारी अपडेट करें

PAN कार्ड से जुड़ी सभी सेवाएं केवल इन आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध होती हैं:

3. एंटी-वायरस और फायरवॉल को अपडेट रखें

  • किसी भी फिशिंग अटैक से बचने के लिए अपने मोबाइल और कंप्यूटर में लेटेस्ट एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करें।
  • फायरवॉल और सिक्योरिटी सेटिंग्स को हमेशा अपडेट रखें ताकि कोई संदिग्ध वेबसाइट एक्सेस न कर सके।

4. संदेह होने पर तुरंत रिपोर्ट करें

यदि आपको कोई संदिग्ध ईमेल या SMS मिले, तो तुरंत रिपोर्ट करें:

PIB का आधिकारिक ट्वीट देखें:

निष्कर्ष

PAN कार्ड से जुड़े फर्जीवाड़े लगातार बढ़ रहे हैं, और साइबर अपराधी लोगों की व्यक्तिगत जानकारी चुराने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

किसी भी अनजान ईमेल या SMS में दिए गए लिंक पर क्लिक करने से बचें और केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों का उपयोग करें। अगर कोई संदिग्ध मेल या मैसेज मिले, तो तुरंत PIB Fact Check या CERT-In को रिपोर्ट करें।

अगर आपको यह लेख उपयोगी लगा, तो इसे दूसरों के साथ साझा करें और कमेंट में अपने विचार बताएं।

Naina Balan

Naina Balan is a dedicated writer at Sevakendra, bringing 2 years of experience in covering government jobs, education updates, and official announcements. Her content focuses on analyzing new government schemes, breaking down their benefits and drawbacks, and explaining their real-world impact on the public. Alongside policy reporting, Naina also writes about viral news and trending updates that capture social curiosity — from inspirational stories to socially significant moments that go viral. Her strength lies in her meticulous approach to fact-checking, ensuring every detail in her articles is accurate and credible. Writing in Hindi and Hinglish, Naina connects with a diverse audience, making complex or viral topics easy to understand. Her passion for uncovering the truth and her commitment to quality research ensure that Sevakendra remains a trusted source for accurate, impactful news.

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